
- चौथा CCGRT: ICSI ने IMT मानेसर, हरियाणा में अपने चौथे कॉर्पोरेट गवर्नेंस, रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर (CCGRT) की स्थापना की है, जो उत्तर भारत का पहला केंद्र है।
- रिसर्च और ट्रेनिंग: यह सेंटर कॉर्पोरेट गवर्नेंस में उच्च क्षमता वाले प्रोफेशनल्स को विकसित करने के लिए विश्व स्तरीय ट्रेनिंग और अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
- आधुनिक सुविधाएँ: मानेसर में स्थापित इस चार मंजिला केंद्र में आधुनिक शिक्षण कक्ष, हॉस्टल, पुस्तकालय और आईटी लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं।
मानेसर (हरियाणा), 12 दिसंबर: भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) ने कॉर्पोरेट रिसर्च, गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी को बढ़ावा देने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए, IMT मानेसर, हरियाणा में अपना चौथा कॉर्पोरेट गवर्नेंस, रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर (CCGRT) स्थापित किया है। यह नया केंद्र न केवल उत्तर भारत का पहला CCGRT है, बल्कि यह कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रोफेशनल्स की वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और अनुसंधान बुनियादी ढांचे को प्रदान करने की ICSI की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस केंद्र की स्थापना नवी मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में स्थापित किए जा चुके सफल CCGRT संस्थानों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण कड़ी है। यह रणनीतिक निवेश भारत के तेजी से बढ़ते व्यावसायिक माहौल में मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और लक्ष्य
आईसीएसआई मानेसर ट्रेनिंग सेंटर का प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 31,049 वर्ग फुट है। इस आधुनिक चार मंजिला भवन को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रोफेशनल विकास प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। केंद्र में अनेक शिक्षण कक्ष (क्लासरूम), एक विशाल पुस्तकालय, बहुउद्देशीय कमरे, हॉस्टल की सुविधा, आईटी लैब, डाइनिंग हॉल और मनोरंजन कक्ष जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
ICSI का लक्ष्य इस केंद्र के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख सेवाएं प्रदान करना है:
अनुसंधान को बढ़ावा: कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में गहन अनुसंधान करना और उद्योग-केंद्रित ज्ञान का सृजन करना।
क्षमता निर्माण: हितधारकों (Stakeholders) के लिए निरंतर क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करना।
नीतिगत सलाह: सरकार, नियामक निकायों (Regulators) और उद्योग जगत को रिसर्च-आधारित नीतियों और नियमों के निर्माण में आवश्यक सलाह और सहायता प्रदान करना।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मिलेगा नया आयाम
इस अवसर पर बोलते हुए, ICSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष CS धनंजय शुक्ला ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “CCGRT कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देगा और कॉर्पोरेट जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप विश्वस्तरीय कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स तैयार करेगा, जिससे कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बढ़ावा मिल सके। अनुसंधान के अतिरिक्त यह सेंटर हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु एक अग्रणी केंद्र के रूप में कार्य करेगा।”
यह सिर्फ अनुपालन नहीं, कार्य संस्कृति है
ICSI के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और ESG और सस्टेनेबिलिटी बोर्ड के चेयरमैन CS रंजीत पांडे ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस की व्यापक परिभाषा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “कॉर्पोरेट गवर्नेंस का मतलब सिर्फ कानून का अनुपालन नहीं है, अपितु यह एक कार्य संस्कृति है जिसे ICSI विकसित करता है। CCGRT संरचना को ICSI के प्रत्येक हितधारक के समग्र विकास और स्थायी नैतिक नेतृत्व देने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।”
ICSI काउंसिल मेंबर श्री इंदर दीप सिंह धारीवाल ने केंद्र की स्थापना को एक रणनीतिक निवेश बताया, जो भारत के बढ़ते व्यावसायिक माहौल के लिए मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस कार्यक्रम में ICSI के वाइस प्रेसिडेंट CS पवन चांडक, ICSI इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के चेयरमैन CS मनीष गुप्ता, और अन्य काउंसिल मेंबर्स तथा गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। अंत में, ICSI के सचिव CS आशीष मोहन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
ICSI का यह कदम भारत के कॉर्पोरेट जगत में विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रोत्साहित करने की उसकी प्रतिबद्धता को फिर से स्थापित करता है।
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