
- सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 638 अंकों की बढ़त के साथ 85,567 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 206 अंक चढ़कर 26,172 पर पहुँचा।
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी और रुपये में मजबूती ने बाजार के सेंटिमेंट को बदला।
- वैश्विक बाजारों, खासकर अमेरिका और एशिया में आई तेजी ने भारतीय बाजार को सहारा दिया।
मुंबई/नई दिल्ली, 22 दिसंबर: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। लंबे समय से दबाव झेल रहे निवेशकों के लिए सोमवार का दिन ‘सुपर मंडे’ साबित हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों ने रॉकेट जैसी रफ्तार पकड़ी और अहम मनोवैज्ञानिक स्तरों को पार कर लिया। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स 0.75% की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ।
तेजी का पहला कारण: विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी
बाजार में आई इस धुआंधार तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का फिर से खरीदारी मोड में आना है। पिछले कई हफ्तों से लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार और सोमवार को भारतीय बाजार में पैसा लगाना शुरू किया। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,830 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे। उनकी इस वापसी ने घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और बाजार में शॉर्ट कवरिंग (Short Covering) शुरू हो गई।
तेजी का दूसरा कारण: रुपये की रिकवरी और RBI की दखल
भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले शानदार वापसी की है। पिछले दिनों रुपया 91 के ऐतिहासिक निचले स्तर को पार कर गया था, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सक्रिय दखलंदाजी और डॉलर इंडेक्स में स्थिरता के कारण रुपये में 22 पैसे से ज्यादा की मजबूती आई। सोमवार को रुपया 89.45 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। रुपये की मजबूती से कच्चे तेल का आयात सस्ता होता है और विदेशी निवेशकों के लिए मुद्रा जोखिम (Currency Risk) कम हो जाता है, जिससे वे बाजार में निवेश के लिए प्रेरित हुए।
तेजी का तीसरा कारण: पॉजिटिव ग्लोबल संकेत
भारतीय बाजार ने वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों को बखूबी पकड़ा। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसका असर सोमवार को एशियाई बाजारों पर दिखा। जापान का निक्केई (Nikkei) और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) लगभग 2% की तेजी के साथ बंद हुए। वैश्विक स्तर पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 में ब्याज दरों में कटौती जारी रखेगा, जिससे इमर्जिंग मार्केट्स (जैसे भारत) में लिक्विडिटी बढ़ेगी।
इन शेयरों ने दिखाया दम (Top Gainers)
आज की तेजी में आईटी (IT) और टेलीकॉम सेक्टर का दबदबा रहा। Trent के शेयर में 3.5% से ज्यादा की बढ़त दिखी, जबकि Infosys, Bharti Airtel, और Tech Mahindra के शेयरों ने भी जमकर दौड़ लगाई। हालांकि, बैंकिंग सेक्टर में SBI और कोटक बैंक जैसे शेयरों में मामूली दबाव देखा गया। जानकारों का मानना है कि यदि यह मोमेंटम बना रहा, तो निफ्टी जल्द ही 26,300 के अगले लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है।
लेटेस्ट हिंदी समाचार अपडेट के लिए Facebook पर लाइव भारत टाइम्स के पेज को फॉलो करें।
