
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि त्रुटिहीन और शुद्ध मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की पहली शर्त है।
- चुनाव आयोग ने मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं के नाम हटाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है।
- नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी मतदाता जानकारी को अपडेट रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
नई दिल्ली, 23 दिसंबर: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूचियों के ‘शुद्धिकरण’ (Purification) को अनिवार्य बताया है। नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मतदाता सूची पारदर्शी और सटीक नहीं होगी, तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। चुनाव आयोग (ECI) अब एक ऐसे मिशन पर काम कर रहा है जहाँ तकनीक के माध्यम से मतदाता सूची को पूरी तरह दोषमुक्त बनाया जा सके।
फर्जी और दोहरे नामों पर सर्जिकल स्ट्राइक
बैठक के दौरान ज्ञानेश कुमार ने बताया कि अक्सर चुनाव के दौरान यह शिकायत आती है कि मतदाता सूची में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो उस क्षेत्र को छोड़कर कहीं और बस चुके हैं। आयोग अब एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके ऐसी विसंगतियों को दूर कर रहा है। उन्होंने कहा, “एक मतदाता, एक पहचान” के सिद्धांत को लागू करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए आधार लिंकिंग और घर-घर जाकर सत्यापन (Door-to-Door Verification) की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
स्वस्थ लोकतंत्र का आधार: सटीक डेटा
मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता सूची केवल नामों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने क्षेत्रीय चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय स्तर पर बीएलओ (BLO) की जवाबदेही तय करें। आयोग का लक्ष्य है कि मतदान केंद्रों पर लंबी लाइनों और पहचान संबंधी विवादों को कम किया जाए। ज्ञानेश कुमार के अनुसार, “शुद्ध मतदाता सूची से न केवल फर्जी मतदान रुकेगा, बल्कि इससे चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।”
युवा मतदाताओं और प्रवासियों पर विशेष ध्यान
चुनाव आयोग ने 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को तुरंत सूची में जोड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को और सरल बनाया है। इसके साथ ही, प्रवासी भारतीय (NRI) और अन्य राज्यों में रह रहे मतदाताओं के लिए भी पंजीकरण और सुधार की सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार ने नागरिक समाज और राजनीतिक दलों से भी इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र नाम सूची में न रहे।
आगामी चुनावों के लिए आयोग की तैयारी
देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों को देखते हुए आयोग ने ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार ने आश्वासन दिया कि चुनाव आयोग पूरी तरह सतर्क है और तकनीक के समावेश से चुनावी धांधली की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मतदाताओं से ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ का उपयोग करने और अपनी प्रविष्टियों की जांच करने की अपील की।
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