
Indian Railway Facility: ट्रेन का यात्रा (Travelling in Train) हर हिंदुस्तानीय के जीवन का हिस्सा होता है। ट्रैवल के दौरान आप सभी अपने लिए खाना तो आर्डर करते ही हैं। लेकिन, कई बार बहुत पैसे देने के बावजूद हमें उसे क्वालिटी का खाना (Good Quality food in Train) नहीं मिल पाता है जैसा हम चाहते हैं। ऐसे में यात्रियों को निराशा होती है। इस बात की लोग कम्पलेन भी करते हैं।

इन कम्पलेनों को लेकर रेलवे गंभीर हो रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब हिंदुस्तानीय रेलवे (भारतीय रेल) और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने मिलकर एक खास योजना की आरंभ की है। इस योजना के अनुसार ट्रेन में खाने की क्वालिटी को बढ़ाने के लिए एक फूड सेफ्टी सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा।
E-Bids द्वारा नियुक्त होगा फूड सेफ्टी सुपरवाइजरआपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि रेलवे खाने के टेस्ट और क्वालिटी दोनों को ही लेकर बहुत गंभीर है। सुपरवाइजर ना केवल खाना बनाने की प्रक्रिया को जाँचेगा बल्कि यह खाने में डाली जाने वाली वस्तुें जैसे ऑयल, घी, मसाले आदि वस्तुों की भी जाँच करेगा। इस सुपरवाइजर की नियुक्ति एक औनलाइन बोली (E-Bids) के द्वारा की जाएगी। इस सुपरवाइजर को आईआरसीटीसी अपने बेस किचन (Base Kitchen) में नियुक्त करेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक राष्ट्र में आईआरसीटीसी के कुल 46 किचन है।
रेलवे की कमाई का एक बड़ा हिस्सा आता है खाने सेआपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि रेलवे की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने से मिलता है। राष्ट्र में 70 फीसदी ट्रेनों में यात्रियों को खाने की सुविधा दी जाती है। वहीं उपस्थिता स्थिति में रेलवे की करीब 20 फीसदी कमाई यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने से होती है। कोरोना से पहले रेलवे की करीब 45 फीसदी कमाई खाने से हुआ करती थी। महामारी (Corona Pandemic) के बाद खाने से होने वाली कमाई में वजनी गिरावट रेट्ज की गई है। अब रेलवे खाने की क्वालिटी को बढ़ाकर यात्रियों को हेल्दी और टेस्टी फूड (Healthy and Tasty Food) देने की प्रयास कर रहा है।
