Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
टेक

पौधे अब पहनेंगे स्मार्टवॉच: ब्राजील के वैज्ञानिकों ने एक अनोखा उपकरण विकसित किया है जो पौधों को खुद को यह बताने की अनुमति देता है कि उन्हें कब और कितने पानी की जरूरत है।

मनुष्य पौधे लगाते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें सही समय पर पानी देना भूल जाते हैं। वैज्ञानिकों ने अब इस समस्या का समाधान खोज लिया है। ब्राजील की नैनोटेक्नोलॉजी की नेशनल लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी स्मार्टवॉच विकसित की है जिसे इंसान नहीं बल्कि पौधे पहनेंगे। इसकी मदद से पौधे हमें बता सकेंगे कि हमें कब और कितने पानी की जरूरत है।

स्मार्टवॉच कैसे काम करती है?

डेली मेल के मुताबिक पौधों के लिए बनी स्मार्टवॉच भी इंसानों के लिए स्मार्टवॉच की तरह काम करती हैं। स्मार्टवॉच सेंसर को किसी पौधे की पत्तियों पर उसी तरह लगाया जा सकता है जैसे हम कलाई पर स्मार्टवॉच पहनते हैं। दोनों घड़ियां इलेक्ट्रिक एक्टिविटी की मदद से काम करती हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, सेंसर एक ऐप से जुड़ा है जिसे मोबाइल फोन में इंस्टॉल किया जा सकता है। यह ऐप वायरलेस तकनीक के जरिए प्लांट का पूरा डेटा यूजर को ट्रांसफर करता है। यह उपयोगकर्ता को संयंत्र में जल स्तर की निगरानी करने की अनुमति देता है।

स्मार्टवॉच को पौधों के लिए कैसे डिज़ाइन किया गया था?

इस स्मार्टवॉच को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास तरह का इलेक्ट्रोड विकसित किया है। इन इलेक्ट्रोडों को आसानी से पत्ती से जोड़ा जा सकता है और लंबे समय तक देखा जा सकता है। प्रयोग में दो प्रकार के इलेक्ट्रोड का प्रयोग किया गया। पहला – निकल धातु से बना और दूसरा – जले हुए कागज पर मोम की परत लगाकर।

इन इलेक्ट्रोडों को सोयाबीन की टूटी हुई पत्तियों पर टेप किया गया था। शोधकर्ताओं ने पाया कि निकल इलेक्ट्रोड बड़े सिग्नल भेजने में सफल रहा। इसके बाद वैज्ञानिकों ने धातु के इलेक्ट्रोड का उपयोग करके एक ऐसा उपकरण बनाया जिसे पौधों द्वारा पहना जा सकता था। यह जीवित पौधों से जुड़ा हुआ था।

पानी के प्रतिशत से पौधों में दिखेगा जहरीला असर

प्लांट में कितना पानी बचा है, यह ऐप में पानी के प्रतिशत से निर्धारित किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी का प्रतिशत परोक्ष रूप से यह भी बताता है कि पौधे कीड़ों, परजीवियों या विषाक्त पदार्थों की चपेट में हैं या नहीं।

फिलहाल यह डिवाइस केवल इंडोर प्लांट्स के लिए ही विश्वसनीय है। बाहरी पौधों के सही डेटा की जांच के लिए इस स्मार्टवॉच को अभी भी बेहतर विकसित करने की आवश्यकता है।

पौधों के लिए पहले से बने स्मार्ट उपकरण

स्मार्ट घड़ियों के अलावा, दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने पौधों के लिए कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार किए हैं। इनमें पौधों के बर्तन शामिल हैं जो पानी की आवश्यकता होने पर प्रकाश करते हैं और ऐसे पौधे लगाते हैं जो पालतू जानवरों की तरह व्यवहार करते हैं।

Related posts

Smartphone, हेडफोन ,TV 1 अप्रैल 2022 से क्या सस्ता और क्या हो सकता है महंगा

Live Bharat Times

कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर बड़ा कदम: अब कॉल रिकॉर्ड करना होगा मुश्किल, Google बदल रहा है पॉलिसी

Live Bharat Times

बॉयकॉट हुंडई ट्रेंड: कश्मीर पर विवादित पोस्ट के बाद हुंडई की सफाई, भारत को बताया अपना दूसरा घर

Live Bharat Times

Leave a Comment