
देश में जुमे की नमाज के बाद हो रही हिंसा को देखते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मौलाना और उलमाओं से टीवी डिबेट में हिस्सा नहीं लेने की अपील की है. दूसरी ओर, सपा और भाजपा ने भी प्रवक्ताओं को धार्मिक मुद्दों पर बयान देने से रोक दिया है।
मौलाना उलेमा बहस में न जाएं, पर्सनल लॉ बोर्ड से की अपील
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने पत्र जारी किया। इसमें लिखा था, ”उलेमा मौलाना, उन टीवी चैनलों की बहस में हिस्सा न लें, जिनका मकसद सिर्फ इस्लाम और मुसलमानों का मजाक उड़ाना है. ऐसे कार्यक्रमों में जाकर वे अपने धर्म का मजाक उड़ाते हैं.”
पत्र में आगे लिखा गया है, “कार्यक्रमों में भाग लेकर वे इस्लाम और मुसलमानों की कोई सेवा नहीं कर पाते हैं, बल्कि सीधे तौर पर इस्लाम और मुसलमानों का अपमान करते हैं। कार्यक्रमों का उद्देश्य चर्चा के माध्यम से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं है, बल्कि यह है कि इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करो।”
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देश में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर बहस में शामिल नहीं होंगे सपा प्रवक्ता
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सभी प्रवक्ताओं के बहस में शामिल होने पर रोक लगा दी है. अखिलेश यादव ने सभी मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं को सख्त निर्देश दिया है कि वे राज्य और देश भर में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पर बहस में हिस्सा नहीं लेंगे.
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धार्मिक मुद्दों पर बयान नहीं देंगे बीजेपी प्रवक्ता
पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा और नवीन कुमार पर कार्रवाई के बाद बीजेपी ने एक और कार्रवाई की है. यूपी में बीजेपी ने देश भर में धार्मिक मुद्दों पर बवाल के मामले में अपनी पार्टी के सभी प्रवक्ताओं के बयान देने पर रोक लगा दी है. साथ ही धार्मिक मुद्दों पर बयान देने से पहले पार्टी से इजाजत लेने को कहा गया है. पार्टी ने टीवी डिबेट या मीडिया बाइट्स के लिए अपनी आधिकारिक लाइन तय कर ली है।
पैगंबर मुहम्मद पर नूपुर की टिप्पणी
एक न्यूज डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसका मुस्लिम समुदाय लगातार विरोध कर रहा है. हाल ही में नुपुर शर्मा ने बयान जारी कर कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. शर्मा के खिलाफ महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मामला दर्ज किया गया है।
गृह मंत्रालय अलर्ट- उपद्रवियों के निशाने पर राज्यों के डीजीपी
देशभर में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं. गृह मंत्रालय ने कहा है कि ऐसी हिंसक घटनाओं में बदमाश पुलिस अधिकारियों को निशाना बना सकते हैं. ऐसे में उन्हें सतर्क रहने को कहा गया है.
