
एक हेल्दी लाइफ की पहचान दिल से होती है। दिल ही बॉडी को कंट्रोल करता है। लेकिन, जाने-अनजाने में दिल हाई कोलेस्ट्रॉल, बीपी, स्ट्रेस-एंजाइटी जैसी परेशानियों की गिरफ्त में आ जाता है, जो उसे बीमार कर देते हैं। एक अमेरिक जर्नल में छपे रिसर्च से पता चला है कि जिनको हाई कोलेस्ट्रॉल है या फिर हार्ट से जुड़ी कोई परेशानी है तो कोरोना इंफेक्शन के बाद उनमें हार्ट अटैक का खतरा 20% तक बढ़ जाता है
हार्ट को मजबूत बनाने के लिए योगासन के साथ करें ये प्राणायाम
1.अनुलोम-विलों
तनाव और चिंता दूर होता है
दिल को स्वस्थ रखने में सहायक
अस्थमा के रोग को दूर रखता है
2.कपालभाति
सांस लेने में आसानी होती है
शरीर के ब्लड फ्लो को बढ़ाती है
नर्व मजबूत बनते हैं
पेट के लिए बेहत कारगर प्रणायाम
3.उज्जयी
ध्यान लगाने की क्षणता बढ़ती है
शरीर में गर्माहट आती है
4.उद्गीथ
नर्वस सिस्सटम को ठीक रखता है
वजन घटाने में मदद करता है
मेमोरी पावर बढ़ाने में मददगार
तनाव और चिंता दूर होती है
5.ताड़ासन
ये स्ट्रेचिंग और शरीर को योग के लिए तैयार करने वाला बेहतरीन योगासन है। भले ही इस आसन को वॉर्मअप के लिए किया जाता हो, लेकिन इस आसन को करने के हेल्थ से जुड़े कई फायदे भी हैं। ये आपकी एब्स को सही टोन में भी ला सकता है।
योग विज्ञानी मानते हैं कि ताड़ासन सभी आसनों का मूल आसन है। ये आसन न सिर्फ मांसपेशियों पर काम करता है बल्कि पोश्चर सुधारने में भी मदद करता है। ये आसन शरीर में दर्द को दूर करता है। ये आसन सीने की मांसपेशियों में खिंचाव लाकर हार्ट पेशेंट की रक्त संचार प्रणाली को बेहतर बनाता है। ये आसन दिल की बीमारियों को होने से भी रोक सकता है।
6.वृक्षासन
ये शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है। इसका शाब्दिक अर्थ होता है, वृक्ष यानी कि पेड़ जैसा आसन। इस आसन में योगी का शरीर पेड़ की स्थिति बनाता है और वैसी ही गंभीरता और विशालता को खुद में समाने की कोशिश करता है।
वृक्षासन ऐसा योगासन है जो आपके शरीर में स्थिरता, संतुलन और सहनशक्ति लाने में मदद करता है। हर टांग पर कम से कम 5 बार ये आसन करना चाहिए। वृक्षासन हठयोग का शुरुआती लेवल का आसन है।
