

फरीदाबाद, 31 अगस्त। नीमका जेल में बुधवार को जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। यह शिविर महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा डा.वीना सिंह के निर्देश पर लगाया गया।
शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.विनय गुप्ता और उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.शीला भगत ने किया। इस दौरान डा.हरीश आर्य, जेल उप अधीक्षक रामचंद्र, डा.मयंक पाराशर और टीबी कार्यक्रम संयोजक सुभाष गहलोत उपस्थित रहे।
शिविर में कैदियों को टीबी, जल जनित रोगों के प्रति जागरूक किया गया। 85 कैदियों की कोरोना जांच की गई। इनमें से दो में कोरोना का संक्रमण पाया गया। उन्हें स्वस्थ कैदियों से अलग कर दिया गया। इसके अलावा 3067 कैदियों की जांच की गई। इनमें 293 कैदियों में मौसमी बुखार, वायरल इन्फेक्शन सहित अन्य छोटे रोग पाए गए। 272 की मनोचिकित्सक ने काउंसिलिंग की, जो विभिन्न कारणों से मानसिक तनाव में थे। 281 कैदियों की नेत्र, 160 की ईएनटी, 85 की दंत संबंधी, 193 की छाती संबंधी, 194 की त्वचा संबंधी, 40 को सर्जरी से संबंधित समस्या थी। इसके अलावा 11 की महिला रोग विशेषज्ञ और 37 कैदियों में हड्डियों से संबंधित रोग पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद उपचार शुरू कर दिया है।
शिविर में डा.दिनेश रंगा, सर्जन डा.संदीप बेनीवाल, त्वचा रोग विशेषज्ञ डा.सरोज लोचन कैदियों की जांच की। कैदियों की डेंटल, आर्थोपेडिक, एचआइवी, टीबी, शुगर, रक्तचाप , सीबीसी, लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन की जांच की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.विनय गुप्ता ने कहा कि कैदी भी हमारे समाज का हिस्सा हैं। इन्हें भी उतनी ही चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है, जितनी एक सामान्य व्यक्ति को होती है। विभाग प्रयास कर रहा है कि इन कैदियों तक भी चिकित्सा सुविधा पहुंचे।
