

केंद्र सरकार ने जलदूत मोबाइल एप विकसित कर राज्य सरकारों को इसके उपयोग का निर्देश दिया है. इस एप के जरिये देशभर के गांवों में चयनित 2 से 3 खुले कुओं के जलस्तर को दर्ज किया जायेगा. ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय ने संयुक्त रूप से जलदूत मोबाइल ऐप विकसित किया है. ग्राम रोजगार सहायक जीआईएस जल स्तर को मापेगा और जलदूत मोबाइल ऐप का उपयोग करके इसे केंद्रीय स्तर पर भेजने का काम करेगा.ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायक को जलदूत के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रदान की जायेगी,जिन्हें गांव के चयनित स्थानों पर भूजल स्तर को मापने की जिम्मेवारी दी जायेगी. यदि किसी ग्राम पंचायत में ग्राम रोजगार सहायक न हो तो ऐसी स्थिति में पंचायत सचिव या प्रभारी पंचायत सचिव को यह काम दिया जायेगा.प्रत्येक गांव में,उस गांव के भूजल स्तर के प्रतिनिधि के रूप में पर्याप्त संख्या में जलस्तर की माप किए जाने वाले स्थानों का चयन करना होगा. ये स्थान, ट्यूबवेल या बोरवेल के बजाए खुले कुएं होंगे. जलदूत को इस तरह से सक्षम बनाया जायेगा कि यह वर्ष में दो बार वर्षा ऋतु के पहले और इसके बाद मोबाइल एप के माण्यम से इन स्थानों पर भूजल स्तर को मापे.
