

आज है नवरात्रे के पांचवा दिन इस दिन मां स्कंदमाता की होती है विशेष पूजा अर्चना। इस दिन माता की वंदना और पूजा पाठ से भक्तो का मन समस्त लौकिक और सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है। माता की भक्ति से आज भक्तो को मृत्युलोक में भी अलौकिक शक्ति का अनुभव होता है।
माता की भक्ति आपको ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती है।
और तो और माता की उपासना से बालस्वरूप स्कंद भगवान की भी पूजा अर्चना होती है। भगवान स्कन्द को कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है। भगवान स्कन्द प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे।
पुराणों में उन्हे कुमार और शक्ति के नाम से जाना जाता है। भगवान स्कंद की माता होने के नाते मां दुर्गा के इस स्वरूप का नाम माता स्कंदमाता पड़ा।
स्कंदमाता की चार भुजाएं है और कमल पर आसीन माता को पदासना देवी भी कहा जाता है।इनका वाहन सिंह और और गोद में कार्तिकेय विराजमान है।
माता को प्रसाद स्वरूप खीर, लापसी रावड़ी का भोग लगाया जाता है।
