

आज तिकुनिया काण्ड को पूरे एक साल हो गए हैं। गौरतलब है कि एक साल पहले तिकुनिया में धरनारत किसानों की थार गाड़ी के कुचलने से हुई मौत हो गयी थी । इस पर तिकुनिया में आज एक पंचायत आयोजित की जा रही है जिसमे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भाग लेंगे। वहीं दूसरी तरफ जिलों-जिलों में किसान इस घटना के बाबत पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। होने वाली इस पंचायत और विरोध पर सरकारी तंत्र भी अपनी नजरे लगाए हुए हैं।
तिकुनिया में सोमवार को जिस पंचायत का आयोजन हो रहा है उसमे काफी बड़ी मात्रा में लोगो के आने का अंदाजा लगाया जा रहा है। हालांकि भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का इस मामले में कहना है कि वे इस पंचायत में भाग लेंगे लेकिन उन्होंने यह कहीं और कभी नहीं कहा है कि वहां भारी भीड़ जुटाओ। घटना को एक साल पूरे हो गए हैं। लोग दिवंगतों को श्रद्घांजलि देने के लिए वहां पहुंचेंगे। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं। गांव गांव जाकर किसानों से इसके लिए संपर्क किया है। उधर सबसे बड़ी बात यह है कि जिलों और तहसील स्तर पर भी किसान काली पट्टी बांधकर केंदीय गृह राज्यमंत्री और उनके बेटे का पुतला फूंकने की तैयारी कर रहे हैं ।पंचायत और किसानो के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस और प्रशासन भी अपनी नजर बनाए रखे है। तिकुनिया में गुरुद्वारा में एक श्रद्धांजलि सभा रखी गई है। वहां व्यवस्था बनाने के साथ साथ विभिन्न जिलों में भी इसके लेकर सरकार की गंभीरता दिखाई दे रही है। खास तौर पर लखीमपुर खीरी व आसपास के जिलों में निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्था ठीक रखी जाए। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ।
