

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर मोहर लगा दी है की नोटबंदी का फैसला मोदी सरकार का एक असरदार फैसला था। इससे यह बात भी साबित होती है की प्रधानमंत्री मोदी का नोटबंदी का फैसला देशहित में था। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम धामी ने कहा की कालाधन खत्म करने को लेकर किए गए नोटबंदी के फैसले का हर व्यक्ति ने स्वागत किया था, लेकिन विपक्ष के पेट में न जाने क्यों दर्द हो रहा था। उन्होंने कहा की अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि नोटबंदी से पहले सरकार और आरबीआई के बीच बातचीत हुई थी। इससे विपक्ष का यह आरोप झूठा साबित हुआ है, जिसमें वह कहा जा रहा था कि नोटबंदी केंद्र सरकार का मनमाना फैसला था। आगे मुख्यमंत्री धामी कहते हैं की नोटबंदी जाली करेंसी, टेरर फंडिंग, काले धन और कर चोरी जैसी समस्याओं से निपटने की प्लानिंग का हिस्सा और असरदार तरीका था।
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह विपक्षियों के मुंह पर तमाचा है। महेंद्र भट्ट ने कटाक्ष किया कि झूठ फैलाने वालों को जनता 2019 व अन्य चुनावों में राजनीतिक जवाब पहले ही दे चुकी है। अब उन्हें कानूनी जवाब भी सुप्रीम अदालत से मिल गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय ने कांग्रेस समेत उन सभी पार्टियों की पोल भी खोल दी, जो नोटबंदी को घोटाला बताकर जनता में भ्रम फैलाते रहते हैं।
वहीँ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने न्यायालय ने नोटबंदी की प्रक्रिया को सही कहा है ना की नोटबंदी को। कांग्रेस पार्टी आज भी अपने स्टैंड पर कायम है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक न्यायाधीश ने इस फैसले में असहमति व्यक्त करते हुए कहा है कि इस मामले में संसद को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए था। माहरा ने कहा कि नोटबंदी के कारण आर्थिक विकास की गति को नुकसान पहुंचा, लाखों लोग बेरोजगार हो गए, सैकड़ों लोगों की मौतें हो गईं। उस दौरान पैसों की कमी की वजह से ना लोग उपचार करा पाए ना अपनी बहन बेटियों की शादी करा पाए।
