

हिंदी कैलेंडर के अनुसार इस समय फाल्गुन का महीना चल रहा है जो कि हिंदी कैलेंडर का आखिरी महीना माना जाता है। इस महीने में कई सारे महत्वपूर्ण त्योहार और व्रत आते हैं, जिनमें फुलेरा दूज भी शामिल हैं। हिंदू धर्म में फुलेरा दूज का अपन विशेष महत्व है और इसे अबूझ साया भी कहा जाता है। फुलेरा दूज की सबसे बड़ी खासियत है कि इस दिन शादी-विवाह करने के लिए मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए इसे अबूझ साया कहा जाता है। फुलेरा दूज के दिन भगवान कृष्ण व राधा रानी का पूजन किया जाता है।
फुलेरा दूज के दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा करी जाती है। यह पूजा शाम के समय में करी जाती है। आज 21 फरवरी को मुहूर्त शाम 6 बजकर 41 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है यानि इस मुहूर्त में कोई भी मांगलिक कार्य करने पर ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ता। यानि अगर आप कोई शुभ कार्य करने के बारे में सोच रहे हैं और उसके लिए शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा तो फुलेरा दूज के दिन बेझिझक वह कार्य किया जा सकता है। इस दिन शादी-विवाह, संपत्ति खरीदना या नया व्यापार शुरू करने जैसे कार्य किए जाते हैं। मान्यता हैं कि इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी की पूजा करके किसी भी कार्य की शुरुआत करने से वह कार्य अवश्य सफल होता है। हिंदू धर्म में फुलेरा दूज के दिन से ही होली के पर्व की शुरुआत मानी जाती है।
