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दिल्ली: सीबीआई हिरासत में मनीष सिसोदिया, अब क्या करेगी आम आदमी पार्टी?

दिल्ली: शराब घोटाला मामले में सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर लिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी को ऐसी उम्मीद है कि रिमांड ख़तम होते ही सरकार के कैबिनेट मंत्री को जमानत मिल जाएगी।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल में ही ही, तब उसके महीनों बाद सिसोदिया को हिरासत में लिया गया है और वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सात सदस्यीय मंत्रिमंडल में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण मंत्री हैं। उनके पास शहर के 33 सरकारी विभागों में से 18 का प्रभार है, जिसमें वित्त जैसे प्रमुख विभाग भी शामिल हैं।

अगर ऐसा हुआ की पांच दिनों के रिमांड ख़तम होने के बाद सिसोदिया को जमानत नहीं मिल पाई, तो क्या किसी को उनका प्रभार किसी को सौंप दिया जाएगा?

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “अगले कदम के बारे में फैसला करना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि हम सबसे पहले उन्हें जमानत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए आवेदन किया जा रहा है। सीबीआई के पास उनके खिलाफ मजबूत मामला नहीं है। यह केंद्र के इशारे पर किया जा रहा है, क्योंकि यह विभिन्न राज्यों के चुनावों के साथ-साथ 2024 के आम चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण वर्ष है।”

दिल्ली का 2023-24 का बजट मार्च के तीसरे सप्ताह में पेश होने वाला है और वित्त विभाग संभाल रहे सिसोदिया उसी की तैयारी कर रहे थे, ऐसे समय में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सिसोदिया को पहला समन 19 फरवरी को आया था। सिसोदिया और सीएम केजरीवाल के अलावा एक प्रमुख सदस्य के रूप में कैलाश गहलोत सभी बजट दस्तावेज बैठकों में शामिल हुए थे। कैलाश गहलोत के पास परिवहन, कानून और राजस्व सहित छह प्रमुख विभाग हैं।

गहलोत पिछले 10 दिनों से सभी महत्वपूर्ण बजट बैठकों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भाग ले रहे हैं। केवल वित्त मंत्री ही बजट पेश कर सकते हैं, इसी लिए उन्हें वित्त विभाग का प्रभार दिया जा सकता है।

पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि अगर बजट से पहले सीएम खुद वित्त विभाग नहीं संभालते हैं, तो संभावना है कि राजस्व मंत्री को अन्य विभागों सहित प्रभार सौंप दिया जाए। अगर मनीष सिसोदिया को जमानत मिल जाती है तो यह सवाल ही नहीं उठता। लेकिन, अगले पांच दिनों में ही यह स्पष्ट हो सकती है।

केजरीवाल ने इस कार्यकाल में कोई पोर्टफोलियो नहीं रखा है, वह राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहे हैं। केजरीवाल अगले पूरे महीने चुनावी राज्यों की यात्रा करने वाले है, जिसकी शुरुआत 4 मार्च को कर्नाटक से होगी। कर्णाटक में वह एक विशाल रैली का नेतृत्व करनेवाले है।

सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ सोमवार को शहर भर में शीर्ष नेतृत्व सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

डिप्टी सीएम ने शहर के 33 सरकारी विभागों में से 18 को कुशलतापूर्वक संभाला, जिसकी वजह से केजरीवाल अन्य राज्यों में पार्टी की विस्तार योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सके। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद, पार्टी ने एक नया मंत्री नियुक्त नहीं किया, बल्कि उनके सारे प्रभार जिसमे स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का भी समावेश होता है, वह सभी प्रभार डिप्टी सीएम को सौंप दिए।

वर्तमान में, सिसोदिया के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह, बिजली, वित्त, पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास, सतर्कता, सेवाएं, जल, पर्यटन, भूमि और भवन (एल एंड डीओ), श्रम, उद्योग और रोजगार सहित अधिकांश प्रमुख विभाग हैं। जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किया गया है।

आश्रम फ्लाईओवर सहित राजधानी में कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ-साथ पिछले साल के रोज़गार बजट में घोषित योजनाओं को अभी भी लागू किया जाना है। लेकिन अब सिसोदिया के जेल जाने से इन सभी योजना पर प्रभाव पड़ सकता हैं।

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