

हाल ही में राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ डीडीए की मुहिम को लेकर मचे बवाल के बाद आज से एक बार फिर विभिन्न इलाकों में बुल्डोजर चलेगा। दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी आज यानी 13 मार्च से दिल्ली में चिन्हित अवैध अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू करेंगे। इस अभियान के दौरान उत्तरी और पूर्वी दिल्ली समेत अन्य क्षेत्र में 375 से अधिक अवैध ढांचों को गिराया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले साल 2022 में राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग, जहांगीरपुर, ओखला समेत कई इलाकों में स्थानीय निकायों द्वारा चलाया गया अवैध अतिक्रमण विरोधी अभियान चर्चा में रहा था। वहीं, साल 2023 में महरौली में डीडीए के अवैध अतिक्रमण विरोधी अभियान ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर डीडीए ने महरौली में चल रहे अवैध अतिक्रमण विरोधी अभियान पर रोक लगा दी थी। हालाकिं वर्तमान में यह मुद्दा अदालत में विचाराधीन है। लेकिन एक बार फिर दिल्ली की सड़कों और व्यस्त चौराहों से अतिक्रमण हटाने का अभियान आज से शुरू होने जा रहा है। इस बार एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और डीडीए द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा।
इन इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ चलेंगे बुलडोजर!
राजधानी दिल्ली के जिन क्षेत्रों में अतिक्रमण विरोधी अभियान की योजना बनाई गई है, उनमें शांतिपथ-आरटीआर मार्ग, मथुरा रोड, गोपालपुर रेड लाइट से जगतपुर ब्रिज, पुराना यमुना ब्रिज से अप्सरा बॉर्डर जीटी रोड कॉरिडोर, नजफगढ़ रोड, बाहरी रिंग रोड, पटेल रोड शामिल हैं। इसके अलावा किलोकारी गांव से लाजपत नगर, रोहतक रोड, पुराना पटपड़गंज रोड, वजीराबाद रोड, अरबिंदो मार्ग, बुराड़ी रोड, रोड नंबर 13ए, जहांगीरपुरी, शास्त्री नगर, रिंग रोड, करोल बाग, कालिंदी कुंज रोड, महरौली-बदरपुर रोड महरौली-गुरुग्राम रोड, इग्नू रोड सहित अन्य क्षेत्रों का अवैध अतिक्रमण और निर्माण शामिल है। इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण की पहचान दिल्ली के लोक निर्माण विभाग ने की है। अवैध अतिक्रमण के तहत पहचाने गए मामलों में फ्लाईओवर के दो स्थायी और 8 अस्थायी अतिक्रमण, उत्तरी दिल्ली में 68 स्थायी और 80 अस्थायी अतिक्रमण, पूर्वी दिल्ली में 36 अस्थायी और 80 अस्थायी अतिक्रमण शामिल हैं।
जानें अभियान का उद्देश्य
बता दें कि पीडब्ल्यूडी की सूची में सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के 375 मामले शामिल हैं। इनमें से 125 स्थायी और 225 अस्थाई अतिक्रमण हैं। लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव की ओर से जारी सर्कुलर के बाद उन्हें हटाने की तैयारी चल रही है। अतिक्रमण विरोधी अभियान का उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर यातायात को आसान बनाना है। 2017 में, 77 मुख्य सड़कों को जाम से मुक्त करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन पांच साल में केवल 66 अस्थायी और 13 स्थायी अतिक्रमण और अवैध निर्माण ही हटाए जा सके। अस्थायी एजेंसियों की इस उदासीनता के कारण दिल्ली में अवैध अतिक्रमण बढ़ गया।
