

देश भर में फिल्म पठान के एक गीत को लेकर विरोध हो रहा है। संत-महात्मा भी इसका पूरजोर विरोध कर रहे हैं। हाल ही में प्रसिद्ध कथाकार पं. प्रदीप मिश्रा ने इस गाने का विरोध किया वहीं अब राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कहा कि पठान फिल्म के माध्यम से परिवेश में जिस प्रकार अश्लीलता के रूप में प्रस्तुत किया वह अक्षम्य अपराध है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि संस्कृति के अभाव में संस्कारों का तीन लोक की संपत्ति दान देकर भी नहीं किया जा सकता। यह विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संत नगर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। मुनिश्री ने कहा कि राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि सरकार उस फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं संत परिवेश के साथ खिलवाड़ करने का दुष्कर्म किया है। साधना स्थल आध्यात्मिक संस्कृति के प्राण है, इनको अनदेखा करना उपेक्षा करना गुरु धर्म और परमात्मा का अपमान करने के समान है।
