

पंजाब की आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) सरकार में कैबिनेट मंत्रियों को अब अपना रिपोर्ट कार्ड तैयार करना होगा। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने-अपने विभागों में क्या-क्या काम किए हैं और इससे पंजाब की जनता समेत पार्टी की लोकप्रियता को कितना फायदा हुआ है, यह रिपोर्ट कार्ड 18 दिसंबर को दिल्ली दरबार में सभी कैबिनेट मंत्रियों के सामने तैयार किया गया है. जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) का कार्यकाल करीब 9 महीने का होने वाला है और इन 9 महीनों में दो बार मंत्रिमंडल का विस्तार हो चुका है.
फिलहाल भगवंत मान की टीम में मुख्यमंत्री के अलावा 14 कैबिनेट मंत्री शामिल हैं. जिन्हें अपने-अपने विभागों में काम करते हुए न सिर्फ पंजाब की जनता से किए वादे पूरे करने हैं बल्कि पार्टी की छवि भी अच्छी रखनी है. आम आदमी पार्टी ने इन कैबिनेट मंत्रियों के अब तक के कामों का ब्योरा हासिल करने के लिए रिपोर्ट कार्ड मांगा है.इस रिपोर्ट कार्ड के बारे में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बताना भी जरूरी हो सकता है.
इसलिए गुजरात से लौटते समय सभी कैबिनेट मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों में बड़े पैमाने पर बैठकें की जा रही हैं ताकि पुराने बकाया कार्यों को जल्द निपटाया जा सके और चल रहे कार्यों को रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जा सके. राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सामने रिपोर्ट कार्ड पेश करने के बाद भविष्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल भी तय कर सकते हैं कि किस कैबिनेट मंत्री को कैबिनेट में रखा जाए या किस कैबिनेट मंत्री को हटाया जाए. इसलिए 18 दिसंबर को कार्यकारिणी की बेहद अहम बैठक होने जा रही है.
