

भारतीय जनता पार्टी द्वारा जब से पसमांदा मुसलमानो को पार्टी से जोड़ने में ध्यान केंद्रित किया गया है बसपा सुप्रीमो मायावती काफी विचलित हो गयी है। बहुजन समाज पार्टी द्वारा अब एक बार फिर से इन्हे पार्टी से जोड़ने की कवायद शुरू हो गयी है। बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा पार्टी के सभी मंडल कोऑर्डिनेटरों को इसका लक्ष्य दिया गया है। मायावती स्वयं इस बात की समीक्षा करेंगी की किस कोऑर्डिनेटर ने कितना लक्ष्य पूरा किया है। पूर्व में देखा गया है की सिर्फ समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ही प्रदेश के मुस्लिम समाज को अपनी पार्टी के साथ रखना चाहते थे लेकिन अब जब से भारतीय जनता पार्टी भी मुस्लिम समाज पर दांव लगा रही है तबसे बसपा के खेमे में हलचल सी मच गयी है। इसी विषय को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना भी साधा था। अब चूंकि सभी दल जल्द होने वाले निकाय चुनाव की तैयारी कर रहे हैं तो बसपा को भी ऐसा लग रहा है कि इस समाज को फिर से पार्टी के साथ जोड़ा जाए।इस बात को दिमाग में रखते हुए बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के सभी मंडल कोऑर्डिनेटरों को इस बाबत खास जिम्मेदारी सौप दी है। मायावती ने उनसे कहा है कि पार्टी के सभी कोऑर्डिनेटर अपने-अपने क्षेत्र में इसके लिए विशेष अभियान चलाएं और मुस्लिम पसमांदा समाज को पार्टी के साथ जोड़ें। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि यह भी देखा जाएगा कि कितने कोऑर्डिनेटर ने कितने लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा। इस बात पर विशेष जोर दिया गया है की दूसरे दलों के पदाधिकारियों को बसपा के साथ जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाए।
