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धर्मं / ज्योतिष

27 जून को सेनापति मंगल महाराज मेष राशि में प्रवेश करेंगे

मंगल 27 जून सोमवार को मेष राशि में प्रवेश करेगा। राहु पहले से ही मेष राशि में है। इन दोनों ग्रहों की युति मेष राशि में होने से यह अंगारक योग बनेगा। मंगल 10 अगस्त तक मेष राशि में रहेगा, जिसके बाद यह वृष राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 27 जून को अपने मूल त्रिकोण मेष राशि में प्रवेश करने जा रहा है। राहु पाप ग्रह है, वह पहले से ही मेष राशि में विराजमान है। राहु और मंगल की यह युति अंगारक योग को जन्म देती है। मंगल रोमांच का ग्रह है, जबकि राहु धोखे का ग्रह है, इसलिए इस गठबंधन में जातक क्रोधित और बहुत साहसी हो जाते हैं और काम को बिगाड़ देते हैं। एक ज्योतिषी के अनुसार मंगल 44 दिनों तक मेष राशि में रहेगा। राहु पहले से ही 3 महीने के लिए मेष राशि में स्थित है। ग्रह योग के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंगल ग्रहों का अधिपति है। यह ग्रह मेष और वृष राशि का स्वामी है। मंगल देव भूमि का पुत्र है। जिन लोगों की कुंडली में एक ही भाव में मंगल और राहु हैं उन्हें सावधान रहना होगा। छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। कुंडली में योग शुभ और अशुभ दोनों होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कई प्रकार के योग होते हैं जो व्यक्ति के जीवन में अच्छे और बुरे बदलाव लाते हैं। राज योग नामक कुछ योग हैं जो व्यक्ति के जीवन में सफलता और खुशी लाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली में अशुभ योग भी बनता है, जिससे समस्याएं, रोग और असफलता होती है।

 

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