

एक याचिकाकर्ता ने 14 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान जजों के बारे में आपत्तिजनक बातें कह डाली थीं। अदालत की कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ता ने मानहानिकारक बयान दिए थे जिसको लेकर अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अब रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर उसका जवाब मांगा जाए।
दिल्ली हाई कोर्ट में जजों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले एक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित जज की ओर से स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपी शक्तिचंद राणा को इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है।
हाईकोर्ट की ओर से रजिस्ट्री को जारी निर्देश में पूछा गया है कि खुली अदालत में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले जजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए। गौरतलब है कि शक्तिचंद राणा द्वारा दायर याचिका पर 14 दिसंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ में सुनवाई चल रही थी।
आरोप है कि याचिकाकर्ता शक्तिचंद राणा ने दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ में सुनवाई के दौरान अदालत की मर्यादा और गरिमा को दरकिनार करते हुए जो कुछ मन में आया, वह बोलना शुरू कर दिया। शक्तिचंद राणा ने भी जज पर आरोप लगाया। कहा जा रहा है कि शक्तिचंद राणा ने सारी हदें पार कर दीं, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट के एक जज ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, अब पंचशील विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ को, जिस एरिया में याचिकाकर्ता रहता है, ईमेल के साथ, हाथ से यानी राणा के घर पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। राणा को 30 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई से पहले इस नोटिस का जवाब दाखिल करना होगा। उन्हें यह बताना होगा कि उन्होंने इस तरह के गैर जिम्मेदाराना और मनमाना बयान क्यों और किस मकसद से दिया?
