
- हिमाचल के सिरमौर में दो भाइयों संग विवाहित सुनीता ने मनाया पर्व।
- सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें, कहा- ‘हमारी जोड़ी नहीं तिकड़ी है’।
- पारंपरिक जोड़ीदारी प्रथा के तहत साल 2025 में हुई थी इनकी अनोखी शादी।
सिरमौर, 29 अक्तूबर: देशभर में अपनी अनोखी शादी और पारंपरिक व्यवस्था को लेकर खासी सुर्खियों में रही हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रहने वाली सुनीता चौहान ने एक बार फिर से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। पिछले साल यानी 2025 में दो सगे भाइयों के साथ वैवाहिक बंधन में बंधकर देश-दुनिया में चर्चा का विषय बनी सुनीता ने इस बार अपने दोनों पतियों—प्रदीप नेगी और कपिल नेगी—के साथ बेहद उत्साह और प्रेम के माहौल में अपना दूसरा करवा चौथ (Karwa Chauth) का त्योहार मनाया है। इस खास अवसर पर तीनों ने अपनी खुशियों को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने चाहने वालों के साथ साझा किया है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पारंपरिक मान्यताओं और आधुनिक जीवनशैली के बीच सामंजस्य बैठाती इस अनूठी तिकड़ी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों के बीच कौतुक और चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई हैं।
सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें, लिखा खास संदेश
करवा चौथ के पावन अवसर पर प्रदीप और कपिल नेगी द्वारा संचालित सोशल मीडिया पेज ‘सिरमौरी जोड़ीदार भाई’ पर इस सेलिब्रेशन की खूबसूरत तस्वीरें साझा की गई हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सुनीता पारंपरिक अंदाज में सजी-धजी नजर आ रही हैं और उनके दोनों पति उनके साथ पूरी गर्मजोशी और प्यार से खड़े हैं।
इस मौके पर साझा किए गए संदेश में लिखा गया है— “करवाचौथ की चांदनी और हमारी तिकड़ी की खुशियां! जोड़ी दो की होती है, पर हमारी तिकड़ी तीन की है। प्यार, विश्वास और साथ हमेशा यूं ही बना रहे।” इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से इस अनोखे परिवार को लगातार बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि कैसे यह परिवार बिना किसी सामाजिक दबाव के अपनी संस्कृति और आपसी संबंधों को निभा रहा है।
क्या है सिरमौर की पारंपरिक ‘जोड़ीदारी प्रथा’?
यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई और आसपास के क्षेत्रों में प्रचलित प्राचीन ‘जोड़ीदारी प्रथा’ (Polyandry) से जुड़ा हुआ है। इस सामाजिक व्यवस्था के तहत हाटी समुदाय या स्थानीय जनजातीय क्षेत्रों में कई बार दो या उससे अधिक सगे भाई मिलकर एक ही महिला से विवाह करते हैं।
इस परंपरा के पीछे मुख्य उद्देश्य परिवारों के बीच पैतृक संपत्ति के बंटवारे को रोकना, भाइयों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत रखना तथा संयुक्त परिवार की साख को बनाए रखना होता है। साल 2025 के जुलाई महीने में जब सुनीता चौहान ने प्रदीप और कपिल नेगी के साथ सार्वजनिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह किया था, तब यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया की सुर्खियों में छा गया था। ज्यादातर मामलों में ऐसी प्रथाएं गुप्त रूप से निभाई जाती हैं, लेकिन इस परिवार ने खुलकर अपनी शादी को स्वीकार किया था, जिससे यह एक मिसाल बन गया।
परिवार में बढ़ चुकी है नई खुशियां
इस अनोखे दंपत्ति के जीवन में खुशियों का कारवां लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी साल अप्रैल के महीने में सुनीता चौहान ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया था। पति प्रदीप नेगी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बेटी के आगमन की घोषणा की थी। यह परिवार अक्सर अपनी बेटी के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करता रहता है, जिससे यह साबित होता है कि पारंपरिक व्यवस्था के बीच भी वे एक खुशहाल और आधुनिक पारिवारिक जीवन जी रहे हैं।
निष्कर्ष
विभिन्न संस्कृतियों और सामाजिक ताने-बाने से जुड़े ऐसे मामले अक्सर भारतीय समाज में बहस और जिज्ञासा का केंद्र रहते हैं। हालांकि, सुनीता और दोनों भाइयों द्वारा अपने इस रिश्ते को पूरी पारदर्शिता, आपसी सम्मान और प्रेम के साथ आगे बढ़ाना यह दर्शाता है कि आपसी सहमति और विश्वास किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होते हैं।
