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ओमीक्रॉन की दहशत के बीच केरल में बर्ड फ्लू के 3 मामले, इन जिलों में अलर्ट जारी- 25000 मुर्गियों की हो सकती है मौत

जिन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं, वहां मुर्गियों और अन्य पक्षियों को मारने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक बर्ड फ्लू का एक मामला सामने आने पर 28,500 से 35,000 पक्षियों की मौत हो जाती है.

बर्ड फ्लू


ओमीक्रॉन  के बढ़ते खतरे के बीच बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है। केरल के कोट्टायम में तीन मामले सामने आए हैं। ये मामले कोट्टायम जिले के वेचुर, अयमानम और कल्लर पंचायतों में पाए गए हैं। बुधवार से बड़े पैमाने पर मुर्गियों व अन्य पक्षियों को मारने का काम शुरू कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि इस वायरस का संक्रमण दूसरे पक्षियों में न फैले। पिछले हफ्ते कोट्टायम के पड़ोसी जिले अलाप्पुझा में भी बर्ड फ्लू का एक मामला सामने आया था। अलाप्पुझा में बड़े पैमाने पर मुर्गियों की मौत के बाद आशंका जताई जा रही थी कि कहीं वे पक्षियों से न मरे हों। बाद में यह आशंका सच साबित हुई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए बुधवार से बत्तखों और अन्य पक्षियों की हत्या शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि 25,000 पक्षी मारे जाएंगे।

स्थिति को देखते हुए सरकारी अधिकारियों ने संबंधित विभाग को अलर्ट कर दिया है। जिन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं, वहां मुर्गियों और अन्य पक्षियों को मारने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक बर्ड फ्लू का एक मामला सामने आने पर 28,500 से 35,000 पक्षियों की मौत हो जाती है. 60 दिन से कम उम्र के मुर्गे के लिए 100 रुपये और इससे अधिक उम्र के मुर्गे के लिए 200 रुपये सरकार की ओर से कुक्कुट पालन किसान को दी जाती है।

अलाप्पुझा जिले में जारी किया गया अलर्ट
केरल के अलाप्पुझा जिले में पिछले हफ्ते ही अलर्ट जारी किया गया था। यहां कुछ नमूनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ठाकाझी ग्राम पंचायत के वॉर्ड नंबर 10 में करीब 12,000 बत्तखों की मौत हो गई. यहां अब तक 140 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 26 सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है.

पिछले साल दस्तक दी थी
पिछले साल जनवरी में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दी थी। इस फ्लू से हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा में कई पक्षियों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश के आगर मालवा, सीहोर, मंदसौर, खरगोन में कव्वे मारे गए, जबकि हरियाणा के पंचकुला के बरवाला में लाखों पक्षी मारे गए। इसके बाद इन राज्यों के कुछ इलाकों में मुर्गियों की बिक्री, खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई। उत्पादों और उनसे संबंधित मछलियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि अभी तक पक्षियों से इंसानों में इस संक्रमण के फैलने की कोई खबर नहीं है। लेकिन इसको लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर भारत में ओमीक्रॉन संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं और यह वायरस कई राज्यों में पहुंच चुका है.

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