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कर्मचारियों के बल्ले-बल्ले: अब इस देश में हफ्ते में चार दिन ऑफिस जाना होगा, तीन दिन की छुट्टी होगी – बॉस भी बार-बार फोन नहीं करेगा!

बेल्जियम के लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने और उन्हें बेहतर कार्य-जीवन संतुलन देने के लिए यह नया उपाय किया गया था। अब कर्मचारी पांच दिन काम करने के बजाय चार दिन काम करेंगे और उन्हें 38 घंटे यानी एक दिन में साढ़े नौ घंटे काम करना होगा.

बेल्जियम में सप्ताह में चार दिन काम करने की अनुमति दी गई है। 
आमतौर पर कर्मचारियों और कामगारों से जुड़े श्रम कानूनों में सुधार होता रहता है। इसी सिलसिले में पिछले कुछ वर्षों से कई देशों में सप्ताह में चार दिन काम करने का निर्णय लिया गया है। यह एक विकल्प के रूप में सामने आया है। इस कड़ी में बेल्जियम भी शामिल हो गया है। इसने अपने कर्मचारियों को बिना वेतन कटौती के सप्ताह में चार दिन काम करने का विकल्प दिया है। श्रमिक संघों और व्यापारिक समूहों के बीच एक समझौता हुआ है, जिसे श्रम बाजार सुधारों की एक श्रृंखला के रूप में देखा जा रहा है। बेल्जियम में लंबे समय से श्रम कानूनों में सुधार के लिए आवाज उठ रही थी, जिसके बाद श्रमिक संघों और व्यापारिक समूहों के बीच लंबी बातचीत हुई है। अब सरकार ने फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि हफ्ते में चार दिन काम किया जा सकता है.

बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा है कि हमने दो कठिन वर्षों का अनुभव किया है। इस निर्णय के साथ, हमने एक ऐसी अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रकाशस्तंभ स्थापित किया है जो अधिक नवीन, टिकाऊ और डिजिटल है। इसका उद्देश्य लोगों और व्यवसायों को मजबूत बनाना है।

बेल्जियम के लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने और उन्हें बेहतर कार्य-जीवन संतुलन देने के लिए यह नया उपाय किया गया था। अब कर्मचारी पांच दिन काम करने के बजाय चार दिन काम करेंगे और उन्हें 38 घंटे यानी एक दिन में साढ़े नौ घंटे काम करना होगा. नए कानून कर्मचारियों को एक सप्ताह में अधिक घंटे काम करने की भी अनुमति देते हैं ताकि सप्ताह में काम समय पर पूरा किया जा सके और अगले सप्ताह भी कम दिन काम कर सकें।

कर्मचारियों को लेनी होगी नियोक्ता से अनुमति
सप्ताह में चार दिन काम करने के लिए नियोक्ता से अनुमति लेनी पड़ती है। इसका कारण कर्मचारी को लिखित में देना होगा। इसके अलावा नए श्रम कानूनों में रात के काम में भी बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। नए नियमों के अनुसार रात्रि वेतन की दर मौजूदा 8 बजे की कट-ऑफ के बजाय मध्यरात्रि के बाद ही लागू होगी। प्रस्तावित नियम वर्तमान में प्रारूप में हैं और संसद द्वारा पारित किए जाने की आवश्यकता है। द गार्जियन ने बताया कि आइसलैंड ने 2015 और 2019 के बीच चार-दिवसीय कार्य सप्ताह का संचालन किया और तब से यह देश की 85 प्रतिशत कामकाजी आबादी की पसंद बन गया है।

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