Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़हेल्थ / लाइफ स्टाइल

किसी को ब्रेन डेड घोषित करना मतलब क्या होता हे ?क्या रिकवरी हो सकती हे जानिए।

किसी को ब्रेन डेड घोषित करने का मतलब है कि उसके मस्तिष्क ने सभी तरह से कार्य करने बंद कर दिए हैं, यानि कि शरीर को सिग्नल भेजने से लेकर समझने या बोलने की क्षमता तक हर किसी शारीरिक और मानसिक क्रिया पर मस्तिष्क द्वारा विराम लग गया है। ब्रेन डेथ को ठीक नहीं किया जा सकता है, यह स्थाई स्थिति है।

अगर किसी दवा, पॉइजन, सांप के काटने या कोई ब्रेन इंफेक्शन और मानसिक बीमारी से ब्रेन डेड हुआ है तो रिकवरी के चांस अधिक रहते हैं, लेकिन अगर सिर में कोई गंभीर चोट लगी है, रोड एक्सिडेंट से ब्रेन डैमेज हुआ है, सीवियर ब्रेन हेमरेज हुआ है या सिर में बहुत ब्लीडिंग हो गई है, तो ऐसी स्थितित में रिकवरी के चांस ना के बराबर होते हैं.

ब्रेन डेड में दिमाग का कौन सा हिस्सा प्रभावित होता है?
ब्रेन डेड होने पर पीड़ित व्यक्ति के ब्रेन स्टेम डेड हो जाते हैं. ब्रेन स्टेम डेड होने पर पीड़िता का रेस्पिरेट्री फंक्शन पर कंट्रोल नहीं रहता है. ये ब्रेन स्टेम, मिड ब्रेन यानी दिमाग के बीच का हिस्सा होता है. यहां से हमारे सभी अंगो को संकेत मिलते हैं. यहां से सारी शारीरिक क्रियाओं का संचालन होता है जैसे बोलना, पलकें झपकाना, चलना, हाव-भाव बदलना. इस स्थिति में मरीज को कितनी भी शारीरिक तकलीफ दे दो वो कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है.

ब्रेन डेड होने पर शरीर का मूवमेंट, सांस लेना, आंखों की पुतलियों का रेस्पॉन्स भी बंद हो जाता है. इस स्थिति में सिर्फ ब्रेन काम नहीं करता बाकी सारे अंग हार्ट, लिवर, किडनी ठीक काम करते हैं. ऐसी स्थिति में शरीर जिंदा तो रहता है, लेकिन चेतना जीवित नहीं रहती है. इस कंडीशन में व्यक्ति को किसी भी दर्द का अहसास तक नहीं होता है.

Related posts

2024 लोकसभा चुनाव को लेकर आज दिल्ली में बीजेपी करेगी बैठक

Live Bharat Times

सीएम दौरा: मेरठ में आज छह घंटे रहेंगे योगी .

Live Bharat Times

मोदी सरकार ने गरीबों को धनतेरस में दिलवाए आशियाने होगा गृह प्रवेश।

Live Bharat Times

Leave a Comment