Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
धर्मं / ज्योतिषब्रेकिंग न्यूज़

तप और ब्रमचर्य की देवी हे माँ ब्रम्चारिणी। जानिए माँ के इस रूप के बारे में।

नवरात्री के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती हे।  ये माँ दुर्गा की ९ शक्तियों में से दूसरी सकती हे।  ये जन्म से पर्वत राज की बेटी हे।  जैसे जैसे वे बड़ी होती गई वे शिव की भक्ति में रमती गई। शिव को प्राप्त करने के लिए माँ ने सौ सालो का कठिन तप किया।  सिर्फ माता फल और फूल खा कर ये तपस्या पूरी करि।  ये देख कर सारे देवी देवताओ  ने उन्हें आशीर्वाद और वरदान दिए।  जिनके फल स्वरुप वे  माँ ब्रहचारिणी कहलाई।

माँ  ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप , वैराग्य , सयंम और सदाचार प्राप्त होता हे। वे जिस बात का संकल्प लेते हे उसे पूरा करके ही रहते हे। इनकी पूजा से रुकावटे दूर होती हे, सफलता मिलती हे और परेशानिया भी ख़त्म होती हे।

ध्यान दे :
माँ  ब्रह्मचारिणी  को पिले या सफ़ेद वस्त्र पसंद हे , उनकी पूजा में पंचामृत अवसय रखे। माँ को अरुहल या कमल का फूल अर्पित करें। दूध से बने हुए प्रसाद माँ को अर्पित करें।  कपूर से माँ की आरती करें।

Related posts

सौराष्ट्र में अब राजकोट, जामनगर और भावनगर के दिन आएंगे- पीएम मोदी

Live Bharat Times

दिल्ली में 4 डिग्री पहुंचा पारा, उत्तर भारत में ठंड ने बढ़ा दी सिहरन , पढ़ें मौसम का ताजा अपडेट

Live Bharat Times

स्टारबक्स का नए CEO बने भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हा

Live Bharat Times

Leave a Comment