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उत्तर प्रदेश : बारिश का क़हर, 34 मरे, 40 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट, स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। प्रदेश भर में रविवार को हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुई कई घटनाओ के चलते 34 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। वहीँ इस बारिश और बाढ़ ने राज्य में खेती को भी काफी नुकसान पहुंचाया है।  बाढ़ का खतरा अभी थमा नहीं है ऐसी आशंका लगाई जा रही है की यह धीरे धीरे कई और जिलों को भी अपनी चपेट में ले लेगा। ऐसी आशंका को देखते हुए शासन की तरफ से राजधानी लखनऊ के साथ साथ 45 अन्य जिलों में भी येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही साथ इन सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन की तरफ से आज स्कूल बंद रखने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। मौसम बुलेटिन के मुताबिक, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, कांशीराम नगर समेत 40 से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां पर भारी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। जारी आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ और अलीगढ़ में तेज बारिश हुई। यहां पर 48 मिमी से ज्यादा बरसात रिकॉर्ड की गई  है।

प्रदेश में लगातार हो रही इस भारी बारिश के कारण रविवार को राज्य भर में 34 लोगों की मौत हो गई। ये मौते  बिजली गिरने, मकान ढहने और नदियों में बहने के कारण से हुई हैं। कई स्थानों पर पशुओ की भी मौत हो गयी है। भारी बारिश की वजह से धान और गन्ने समेत दलहनी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुए इन हादसों पर शोक प्रकट करते हुए इन हादसों में शिकार हुए लोगों के परिजनों को चार चार लाख रूपए की मदद देने की घोसणा करी है। वहीँ सोमवार को भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए प्रदेश के सभी हॉस्पिटल अलर्ट मोड़ पर आ गए हैं। प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी ट्वीट करते हुए निर्देश दिया है की अलर्ट को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सभी अधिकारी, मेडिकल कॉलेज, संस्थान, अस्पताल, सीएमओ, डॉक्टर्स एवं सभी संबंधित स्टॉफ आपातकालीन सेवा हेतु तैयार रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अफसरों को निर्देश देते हुए कहा है की बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण करने के लिए वह खुद मैदान में उतरे। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगो को जनप्रतिनिधियों की सहायता से राहत सामग्री वितरित करें। इसके अलावा विभागीय मंत्रियों को उन्होंने भौतिक  निरीक्षण करने को कहा है । राजस्व की टीमों को उनका निर्देश है की  फसलों के नुकसान का आकलन करें। किसानों की मदद के लिए सरकार तैयार है।

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