Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
धर्मं / ज्योतिष

सितारों की उथल-पुथल: अप्रैल में सभी 9 ग्रहों के राशि परिवर्तन कर्क-वृश्चिक, ढय्या और मीन राशि पर शुरू होंगे साढ़े साती

ज्योतिष की दृष्टि से अप्रैल बेहद खास रहने वाला है। इस महीने सभी 9 ग्रहों की चाल बदल जाएगी। ऐसा संयोग बहुत ही कम देखने को मिलता है। अप्रैल में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि और राहु-केतु के परिवर्तन का प्रभाव देश की राजनीति, न्याय, शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। इन ग्रहों के कारण बड़े प्रशासनिक परिवर्तन भी होंगे। इन सितारों का प्रभाव देश-दुनिया समेत सभी राशियों पर पड़ेगा।

ऐसे होंगे नौ ग्रहों के राशि परिवर्तन
अप्रैल में मंगल सबसे पहले 7 तारीख को कुंभ राशि में जाएगा। बुध 8 तारीख को मेष राशि में और फिर 24 तारीख को वृष राशि में प्रवेश करेगा। 11 तारीख को राहु मेष राशि में और केतु तुला राशि में गोचर करेगा। 13 अप्रैल को बृहस्पति मीन राशि में गोचर करेगा। 14 तारीख को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। वहीं शुक्र 27 तारीख को मीन राशि में और 28 तारीख को शनि कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। इनके अलावा चंद्रमा हर ढाई दिन में अपनी राशि बदलेगा।

चंद्रमा ढाई दिन में और शनि 30 महीने में बदलता है
पुरी के ज्योतिषी डॉ. गणेश मिश्रा बताते हैं कि सूर्य एक राशि में एक महीने तक रहता है। चंद्रमा हर ढाई दिन में अपनी राशि बदलता है। वहीं मंगल हर 45 दिन, शुक्र 27 दिन और बुध हर 21 दिन में राशि परिवर्तन करता है। इनके अलावा बृहस्पति, शनि और राहु-केतु लंबे समय तक एक राशि में रहते हैं, ये बड़े ग्रह हैं। इसलिए इनकी राशि बदल जाती है और ग्रहों से कुछ ज्यादा ही खास हो जाते हैं। बृहस्पति 13 महीने में राशि बदलता है, शनि ढाई साल में और राहु-केतु डेढ़ साल में।

शनि की ढैया और साढ़े साती
28 अप्रैल को शाम 7.28 बजे शनि मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। राशि परिवर्तन के साथ ही धनु राशि के जातकों पर चल रहा अर्धशतक समाप्त हो जाएगा, वहीं मीन राशि के जातकों पर इसकी शुरुआत होगी। वहीं अगर कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की दिशा शुरू हो जाए तो मिथुन और तुला राशि के जातकों को इससे मुक्ति मिलेगी। 29 मार्च 2025 तक शनि कुम्भ राशि में रहेगा। इस दौरान वक्री चाल चलकर पुन: कुछ महीनों तक मकर राशि में रहेगा।

Related posts

होलिका दहन में किन लकडिया का करे इस्तेमाल और किनका भूल कर भी न करे उपयोग

Live Bharat Times

चार दिन में दूसरे जैन मुनि ने त्यागे प्राण: सम्मेद शिखर के लिए अनशन पर थे; 3 दिसंबर को सुज्ञेयसागर जी ने छोड़ी थी देह

Admin

Kaal Bhairav Jayanti : काल भरैव जयंती कब है? बाबा की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन कर लें ये काम

Live Bharat Times

Leave a Comment