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स्कूल स्वास्थ्य राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे राज्य में सबसे अधिक सूरत में 165 प्रतिशत काम हुआ

हेल्थ रिपोर्टर। सूरत
स्कूल स्वास्थ्य राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में अप्रैल 2022 से 19 जनवरी 2023 तक राज्य के ८८ लाख बच्चों की स्वास्थ्य संबंधित जांच स्क्रीनिंग की गई स्कूल स्वास्थ्य जांच के अंतर्गत सूरज जिला में सर्वश्रेष्ठ 165% काम किया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के टीमों ने स्वास्थ्य जांच कि निर्धारित लक्ष्य 100% से भी अधिक काम पूरा कर पिछले 8 महीने में सूरत शहर विस्तार में 4.53 लाख और जिले में 2.87 बच्चों का स्क्रीनिंग किया। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सूरत कोपरेशन में 4.53 लाख, सूरत जिले में 2.87 लाख, खेड़ा जिले में 4.64 लाख, अहमदाबाद कारपोरेशन में 3.92 लाख मेहसाणा में 3.90 लाख, आनंद में 3.87, राजकोट में 3.27 लाख बच्चो की स्क्रीनिंग की गई है। राज्य में कई जिलों ने उत्तम प्रदर्शन कर निर्धारित लक्ष्य के 100% से भी अधिक काम पूरा किया है।
जिला स्क्रीनिंग
सूरत कॉरपोरेशन 4.53
सूरत जिला 2.87
खेड़ा 4.64
कच्छ 4.44
अहमदाबाद 3.92
मेहसाणा 3.90
आनंद 3.87
राजकोट 3.27
(आंकड़े लाख में )
राज्य के ८८.४९ स्क्रीनिंग हुए बच्चों में से 3195 बच्चों में किडनी और कैंसर जैसी अलग-अलग गंभीर प्रकार की बीमारी पाई गई है। जिसका सफलतापूर्वक इलाज भी की जा रही है। जिसमें 2110 बच्चों को हृदय रोग संबंधित इलाज, 724 किडनी का इलाज, 337 कैंसर का इलाज दिया जा रहा है, इसके अलावा 13 बच्चों में किडनी ट्रांसप्लांट, 1 बच्चों में लिवर ट्रांसप्लांट और १० बच्चों में बोन मैरो का ट्रांसप्लांट का इलाज इस योजना के अंतर्गत किया गया है।
बीमारी मामले
दिल की बीमारी 2110
किडनी। 724
कैंसर। 337
किडनी ट्रांसप्लांट 13
बोन मैरो 10
लीवर ट्रांसप्लांट 1
गौरतलब है कि स्कूल आरोग्य राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के 0 से लेकर 18 वर्ष के तमाम बच्चों का स्वास्थ्य की जानकारी के लिए बच्चों का आरोग्य जांच, इलाज और रेफरल सेवा जैसी उम्दा और सेवा राज्य सरकार तरफ से दिया जाता है। स्कूल आरोग्य राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित प्लान के अनुसार नवजात शिशु से 6 वर्ष के आंगनवाड़ी के बच्चों, कक्षा 1 से 12 में पढ़ते तमाम विद्यार्थियों, 18 वर्ष तक स्कूल जाते और न जाते हुए बच्चों, आश्रम शाला, मदरसा, चिल्ड्रन होम के बच्चों को आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा नियमित रूप से तमाम बच्चों के आरोग्य जांच की जाती है। ये हेल्थ टीम राज्य के हर कोने में जाकर बच्चों का हेल्थ चेकअप के साथ बच्चो को जरूरी इलाज भी देता है।
राज्य में कुल हजार जितने आरबीएसके राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम मोबाइल हेल्थ टीम कार्यरत है। हर एक टीम में दो आयुष डॉक्टर एक पुरुष और एक महिला, एक फार्मासिस्ट और एक स्त्री आरोग्य स्टाफ शामिल होते हैं। बच्चों को पूरी ४डी, बर्थ डिफेक्ट्स, डेवलपमेंट डिले डिजीज और डेफिशियेंसी के लिए मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा जांच की जाती है।

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