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गर्मी में नींबू पानी पीना भी हुआ महंगा: 70 से 400 रुपए किलो पहुंचा नींबू, बेमौसम बारिश से बिगड़े खेल

 

नींबू की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के किचन का बजट बिगाड़ दिया है. एक महीने में नींबू 70 रुपए से 400 रुपए हो गया है। सब्जी विक्रेता 10 रुपये में 1 नींबू दे रहे हैं. जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में इसकी कीमत में कमी आने की कोई संभावना नहीं है.

कम फसल के अलावा महंगा परिवहन कारण
बताया जा रहा है कि इस बार कम फसल होने के कारण आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले नींबू की महंगाई के लिए डीजल की कीमतें भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं. डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण माल भाड़ा भी 15% बढ़ गया है। इससे नींबू की कीमत दोगुनी हो गई है।

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सेब, अंगूर और अनार से ज्यादा महंगा बिक रहा है नींबू
नींबू के दाम बढ़ने से घरों के अलावा होटलों और ढाबों से भी नींबू गायब हो गया है. आलम यह है कि घर, होटल और ढाबों में भी सलाद से नींबू (स्वाद) कम हो गया है। होटल और ढाबा संचालक भी सलाद में नींबू का प्रयोग कम ही कर रहे हैं। वहीं गन्ने के रस, शिंकजी और सब्जियों में नींबू का प्रयोग कम मात्रा में किया जा रहा है। सेब, अंगूर और अनार की तुलना में इन दिनों नींबू ज्यादा महंगा बिक रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में नींबू के भाव

शहर दर (रु/किग्रा)
दिल्ली 350- 400 रुपये
भोपाल 300- 400 रुपये
जयपुर 350- 400 रुपये
लखनऊ 250 रुपये
मुंबई रु 300- 350
रायपुर 200- 250 रुपये
नींबू के दाम बढ़ाने के 4 कारण

बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान: मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश भर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है. उत्पादन आवश्यकता से कम है, इसलिए कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हुई है।
नवरात्रि और रमजान में ज्यादा खपत : इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है. उपवास और उपवास के दौरान भी नींबू का प्रयोग अधिक किया जाता है। वर्तमान में उत्पादन कम है और मांग अधिक है।
ईंधन की कीमतों में वृद्धि: पेट्रोल और डीजल की कीमत में वृद्धि के साथ, माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू समेत सभी फलों और सब्जियों के दामों पर देखने को मिल रहा है.
डायरेक्ट फैक्ट्री डिलीवरी: नींबू का उपयोग शीतल पेय के साथ-साथ कई फार्मास्यूटिकल्स और खाद्य उत्पादों में किया जाता है। नींबू सीधे खेतों से फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी बाजार में जरूरत के मुताबिक नींबू नहीं पहुंच रहा है।

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