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कोरोना की बूस्टर डोज है जरूरी अब तक सिर्फ इतने लोगो ने है लगवाई

देश में कोरोना के मामले (Corona Cases In India) फिर से बढ़ने लगे हैं. वायरस के खिलाफ जंग में वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) भी तेजी से चल रहा है.केंद्र सरकार ने व्यस्कों के लिए बूस्टर डोज (Booster Dose) को भी फ्री कर दिया है. 18 साल या इससे अधिक उम्र के सभी लोगों को तीसरी खुराक मुफ्त में लगाई जा रही है. हालांकि देश में बूस्टर डोज से टीकाकरण काफी धीमा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 5,15,51,514 तीसरी खुराक ली है. वहीं, 92,48,67,606, दूसरी डोज लग चुकी है. यानी, अभी केवल 5.5 प्रतिशत लोगों ने ही बूस्टर डोज ली है. तीसरी खुराक लेने वालों की संख्या काफी कम है. अब सरकार ने इसे फ्री कर दिया है. ऐसे में क्या अब टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ेगा? इस बारे में एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पिछले काफी समय से कोरोना से हालात बेहतर थे. इस वजह से लोग वैक्सीन नहीं ले रहे थे, लेकिन अब केस बढ़ रहे हैं और ओमिक्रॉन के नए -नए सब वेरिएंट्स आ रहे हैं. ऐसे में सभी पात्र लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए. चूंकि देश में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है. अब इसका अंतराल भी 9 महीने से घटाकर 6 महीने कर दिया गया है. ऐसे में टीकाकरण करा लेना चाहिए. घट रही है इम्यूनिटी द लैंसेट कमीशन फॉर कोविड टास्फ फोर्स इन इंडिया की सदस्यडॉ. सुनीला गर्ग ने Tv9 से बातचीत में बताया कि कोरोना वायरस लगातार म्यूटेट कर रहा है. काफी समय से देखा जा रहा है कि ओमिक्रॉन के कई सब वेरिएंट आ रहे हैं. अभी वेरिएंट BA.2.75 और BA.4 (Omicron Variant BA.2.75) के केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं. ये वेरिएंट काफी संक्रामक है. ऐसे में लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए. बूस्टर डोज लगने से यह फायदा होगा कि अगर कोई संक्रमित होता है तो उसमें वायरस के लक्षण गंभीर नहीं होंगे. जिन लोगों में समय के साथ इम्यूनिटी का लेवल कम हो गया है. वह भी बढ़ जाएगा. इसलिए लोगों को सलाह है कि वह बूस्टर डोज लगवा लें बुजुर्गों के लिए जरूरी है बूस्टर डोज नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. युद्धवीर सिंह बताते हैं कि बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों के मरीजों के लिए बूस्टर डोज बहुत जरूरी है. इन लोगों को वायरस से संक्रमित होने पर काफी खतरा हो सकता है. वैक्सीन नहीं ली और अगर इस दौरान संक्रमण हो गया तो स्थिति बिगड़ सकती है. इसलिए 60 साल से अधिक उम्र वालों और हार्ट, बीपी और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को बूस्टर डोज जल्द से जल्द लगवा लेनी चाहिए.

 

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